Zila Tak | Desk
पाकुड़ (PAKUR) : इंसानों को न्याय और सुरक्षा के लिए थाने की शरण लेते आपने कई बार देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी थाने को विदेशी पक्षियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना बनते देखा है? झारखंड के पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना में इन दिनों कुछ ऐसा ही अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। यहां रूस के साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर पहुंचे सैकड़ों प्रवासी साइबेरियन पक्षियों ने थाना परिसर को ही अपना स्थायी आशियाना बना लिया है।
थाना परिसर में लगे आम, पीपल और यूकेलिप्टस के ऊंचे पेड़ों पर इन पक्षियों ने घोंसले बना लिए हैं। सुबह होते ही ये पक्षी भोजन की तलाश में आसपास के खेतों, नदी और तालाबों की ओर निकल जाते हैं और शाम ढलते ही फिर अपने सुरक्षित ठिकाने—हिरणपुर थाना—लौट आते हैं।
इन विदेशी मेहमानों की चहचहाहट से पूरा थाना परिसर गुलजार रहता है। फरियादी भी जब थाने पहुंचते हैं तो इस अनोखे दृश्य को देखकर हैरान रह जाते हैं। आसपास के ग्रामीण और बच्चे भी इन प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए थाना परिसर पहुंचते हैं। पुलिस की मौजूदगी के कारण कोई भी इन पक्षियों को नुकसान पहुंचाने की हिम्मत नहीं करता।
थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि हर साल मई ~ जून के महीने में इन प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है। प्रजनन के बाद अगस्त से नवंबर-दिसंबर के बीच ये अपने देश लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि ये विदेशी मेहमान अब हमारे संरक्षण में हैं। इनकी सुरक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। आसपास के लोगों से भी अपील की गई है कि कोई इनके साथ छेड़छाड़ न करे, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, ये पक्षी भोजन के लिए नदी-तालाबों में मिलने वाली छोटी मछलियों, घोंघों और अन्य जलीय जीवों पर निर्भर रहते हैं। हर वर्ष हजारों किलोमीटर का कठिन सफर तय कर ये पक्षी पाकुड़ पहुंचते हैं और हिरणपुर थाना परिसर को अपना सबसे सुरक्षित ठिकाना बना लेते हैं।
जहां इंसान न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते हैं, वहीं इन बेजुबान विदेशी मेहमानों ने अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस पर भरोसा जताया है। हिरणपुर थाना आज सिर्फ कानून की रक्षा नहीं, बल्कि प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण की एक खूबसूरत मिसाल भी बन गया है।
