Zila Tak Desk दुमका, 3 नवंबर 2026। झारखंड के दुमका जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बहराबांक गांव में बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। अंगीठी के धुएं से दम घुटने की आशंका में छह वर्षीय बच्ची निक्की कुमारी की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और दो बहनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नवजात को ठंड से बचाने के लिए जलाई थी अंगीठी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रीना देवी की 11 दिन पहले ही एक बच्ची हुई थी। नवजात को ठंड से बचाने के लिए उन्होंने सोमवार की रात कमरे में अंगीठी जलाई थी। इसके बाद वह अपनी तीन बेटियों के साथ कमरे में सो गईं। कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद होने के कारण अंगीठी का धुआं अंदर जमा होता रहा।
सुबह दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को हुई चिंता
रीना देवी के पति प्रकाश सिंह रात में अपने लाइन होटल में थे। मंगलवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई।
दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे परिजनों ने रीना देवी और उनकी तीनों बेटियों को बेहोशी की हालत में पाया। सभी को तत्काल दुमका सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने छह वर्षीय निक्की कुमारी को मृत घोषित कर दिया।
मां और दो बच्चियों का इलाज जारी
हादसे में रीना देवी, उनकी 11 वर्षीय बेटी रूपाली कुमारी और 11 दिन की नवजात बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मां और रूपाली की हालत गंभीर है, जबकि नवजात की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में बंद कमरे में अंगीठी जलने से दम घुटने की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही होगी।
ठंड में सावधानी जरूरी
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि बंद कमरे में अंगीठी या कोयले से चलने वाले हीटर जलाकर सोना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे उपकरणों से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस जानलेवा साबित हो सकती है।
दुमका की इस घटना से सबक लें और ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित उपाय अपनाएं।
