Zila Tak | Desk
पाकुड़ (PAKUR) : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) की पाकुड़ जिला इकाई में इन दिनों बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी के आरोपों के बाद जिलाध्यक्ष हसन अंसारी को पार्टी से पदमुक्त किए जाने के साथ ही संगठन में नए जिलाध्यक्ष को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस बीच पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष मार्क बास्की को दोबारा कमान सौंपने की मांग कार्यकर्ताओं के बीच जोर पकड़ने लगी है।
पार्टी के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्यकर्ता खुलकर मार्क बास्की के समर्थन में अपनी आवाज उठा रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि संगठन को फिर से मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास कायम रखने के लिए पार्टी नेतृत्व को उन्हें जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए।
दरअसल, हसन अंसारी पर नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी के आरोप सामने आने के बाद जेएलकेएम के केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया। जारी पत्र में कहा गया कि उनके खिलाफ लगे आरोपों के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसके आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करते हुए संगठन से जुड़े सभी अभिलेख, दस्तावेज, पहचान पत्र एवं अन्य सामग्री संबंधित प्राधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि हिरणपुर में आयोजित पार्टी की एक बैठक के दौरान कुछ लोग नौकरी के नाम पर कथित ठगी की शिकायत लेकर पहुंचे थे। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और हसन अंसारी को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद पूरे जिले में मामला चर्चा का विषय बन गया और पार्टी की जिला इकाई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया।
इधर, हसन अंसारी की बर्खास्तगी के बाद संगठन के भीतर नए जिलाध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या पत्र जारी नहीं किया गया है।
उल्लेखनीय है कि हसन अंसारी से पहले मार्क बास्की जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। समर्थकों का दावा है कि उनके कार्यकाल में संगठन का विस्तार हुआ, कार्यकर्ताओं में बेहतर समन्वय रहा और पार्टी गतिविधियों में सक्रियता देखने को मिली। उनके सरल स्वभाव और कार्यकर्ताओं से सहज संवाद के कारण वे आज भी संगठन के भीतर एक लोकप्रिय चेहरा माने जाते हैं। यही वजह है कि उनकी दोबारा ताजपोशी की मांग लगातार जोर पकड़ती दिखाई दे रही है।
अब सभी की निगाहें जेएलकेएम के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं कि पाकुड़ जिला संगठन की कमान किसे सौंपी जाती है। आने वाले दिनों में पार्टी का फैसला जिला इकाई की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम साबित हो सकता है।
