Zila Tak | Desk
पाकुड़ (PAKUR) : झारखंड में फर्जी नंबर प्लेट के जरिए वाहनों के परिचालन का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हिरणपुर प्रखंड के जबरदहा निवासी सौमित्र सेन उस समय हैरान रह गए, जब उनके मोबाइल पर गोड्डा परिवहन विभाग की ओर से बिना हेलमेट बाइक चलाने के आरोप में ₹1000 का ई-चालान का संदेश आया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस दिन चालान काटा गया, उस दिन सौमित्र गोड्डा जिले में थे ही नहीं।
पीड़ित सौमित्र सेन ने बताया कि उनकी रॉयल एनफील्ड (बाइक संख्या JH16K-6677) लगभग छह माह पहले खरीदी गई थी। वर्तमान में वे बड़तल्ला स्थित संकुल केंद्र में कार्यरत हैं। उनके अनुसार, 13 जुलाई को उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि गोड्डा जिले के पथरगामा में बिना हेलमेट बाइक चलाने के कारण ₹1000 का चालान काटा गया है।
सौमित्र ने बताया कि जिस दिन का चालान जारी किया गया, उस दिन वे अंगूठिया फतेहपुर विद्यालय में अनुश्रवण कार्य में व्यस्त थे। उनके पास इसकी पुष्टि के लिए आवश्यक साक्ष्य भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उस दिन वे गोड्डा गए ही नहीं, ऐसे में स्पष्ट है कि उनकी बाइक के नंबर का किसी अन्य वाहन पर अवैध इस्तेमाल किया जा रहा है।
पीड़ित ने कहा कि वे जल्द ही संबंधित परिवहन विभाग को लिखित शिकायत और सभी साक्ष्य सौंपकर मामले की जांच की मांग करेंगे, ताकि फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों का पर्दाफाश हो सके।
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते माह भी हिरणपुर के मोहनपुर निवासी प्रदीप कुमार भगत को भागलपुर परिवहन विभाग से अलग-अलग 10 ई-चालान भेजे गए थे, जबकि वे अपनी बाइक लेकर कभी भागलपुर गए ही नहीं थे। मामला मीडिया में प्रमुखता से आने के बाद संबंधित विभाग ने जांच कर कार्रवाई की थी और पीड़ित को राहत मिली थी।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था और फर्जी नंबर प्लेट गिरोह की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो निर्दोष वाहन मालिकों को बेवजह आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
