Zila Tak | Desk
पाकुड़ (PAKUR) : नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोपों से घिरे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के पाकुड़ जिलाध्यक्ष हसन अंसारी पर पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक एक्शन लिया है। गुरुवार को केंद्रीय अध्यक्ष जयराम कुमार महतो के हस्ताक्षर से जारी पत्र में हसन अंसारी को तत्काल प्रभाव से पाकुड़ जिलाध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया गया।
पार्टी के पत्र में कहा गया है कि संगठन को हसन अंसारी के विरुद्ध नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि के लेन-देन संबंधी गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उपलब्ध तथ्यों एवं जानकारी के प्रारंभिक परीक्षण में आरोपों में पर्याप्त आधार मिलने के बाद संगठन की गरिमा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई। साथ ही उन्हें संगठन से जुड़े सभी अभिलेख, दस्तावेज, पहचान-पत्र एवं अन्य सामग्री तत्काल संबंधित प्राधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इस कार्रवाई से ठीक पहले हिरणपुर स्थित एक विवाह भवन में हसन अंसारी को कई पीड़ितों ने घेर लिया था। आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से हजारों रुपये लिए गए, लेकिन न नौकरी मिली और न ही राशि वापस की गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया।
पीड़ित राजेश सोरेन (डूमरघाटी, महेशपुर) ने आरोप लगाया कि उनसे 80 हजार रुपये, जबकि लाल मरांडी (काशीला, पाकुड़) ने 60 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। पीड़ितों का दावा है कि इसी तरह कई अन्य लोगों से भी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये वसूले गए हैं।
वहीं हसन अंसारी ने स्वीकार किया कि उन्होंने कुछ लोगों से रुपये लिए थे, लेकिन कहा कि सभी की राशि जल्द वापस कर दी जाएगी।
अब संगठन द्वारा जिलाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। यदि पीड़ित पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हैं, तो मामले में कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ सकती है।
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे और संगठन द्वारा जारी पत्र पर आधारित हैं। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही माना जाएगा।
